
आज कल हर व्यक्ति जिसके पास स्मार्ट फ़ोन या फिर DSLR होता है वह खुद को एक फोटोग्राफर समझने लगता है. लेकिन सिर्फ एक DSLR लेने से कोई व्यक्ति फोटोग्राफर नहीं बन सकता. तसवीरें लेना आसान बात नहीं है. अगर कोई तस्वीर गलत तरीके से ली जाए या फिर तस्वीर लेते समय ध्यान न दिया जाए तो वह तस्वीर देखने वालो को गलत नज़र आ सकती है. अगर आप सोचते है की केवल बातें ही डबल मीनिंग होती है तो आप लेने गलत है. गलत तरीके से ली गई तसवीरें भी डबल मीनिंग होती है. देखिये यह डबल मीनिंग तसवीरें
ध्यान से देखिये यह सिर्फ अंगूठा है
यह सिर्फ एक कमरे की तस्वीर है
पीछे वाला व्यक्ति सिर्फ सोच रहा है
ध्यान से देखो… वो नहीं है, जो आपका दिमाग सोच रहा है
इस व्यक्ति को पता भी नहीं होगा उसकी कोई तस्वीर ले रहा है
जिस चीज़ को आप गलत समझ रहे है वह सिर्फ हाथ है
ध्यान से देखिये इस तस्वीर को इसमें वैसा कुछ नहीं है जो आप सोच रहे है
पीछे बिस्तर के डिज़ाइन ने तस्वीर ख़राब कर दी
अपने ऐसे दोस्तों के साथ यह आर्टिकल शेयर करिये जिनका दिमाग काफी उल्टा चलता है और हमे भी बताएं कैसी लगी आपको यह तसवीरें.








