जुगाड़ भारत में उन वस्तुओं या औजारों को कहते हैं जो आसानी से आसपास उपलब्ध सामानों का उपयोग करके बनायी जाती हैं। आम लोगों को ज्ञात सरल विधियों के उपयोग से काम बना लेना भी ‘जुगाड़’ कहलाता है। अर्थात मानक विधि से हटकर अलग विधि (किन्तु सरल और सस्ती विधि) से कोई काम किया जाय या कोई सामान बनाया जाय तो उस विधि या सामान को ‘जुगाड़’ कहते हैं।
भारतीय जुगाड़ करने के लिए जाने जाते हैं. भले ही रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए अब भी हम कई देशों से पीछे हों, लेकिन जुगाड़ के मामले में हम से आगे कोई नहीं. हमें ऐसे-ऐसे जुगाड़ बिठाना आता है कि बड़े से बड़े महारथी को भी चक्कर आ जाए. इन जुगाड़ों से जिंदगी आराम से तो कटती ही है साथ ही और मजेदार भी हो जाती है|
जैसे कि हम सब को पता ही है सारे इंजीनियर जुगाड़ लगाने में बहुत मशहूर हैं। अगर आप भी एक इंजीनियर हैं या इंजीनियरिंग के छात्र हैं तो आपको यह सब भली भांति पता होगा। लेकिन हम यहां कुछ बहुत ही अनोखे जुगाड़ देखने वाले हैं जिन्हें देखने का बाद आप हैरान रह जायेंगे।
इन इंजीनियरों ने अपनी सूझबूझ से बिठाया कुछ ऐसा जुगाड़ कि देखने वाला तारीफ़ किये बिना रह नहीं पाया जैसे कि हम सब को पता ही है सारे इंजीनियर जुगाड़लगाने में बहुत मशहूर हैं। अगर आप भी एक इंजीनियर हैं या इंजीनियरिंग के छात्र हैं तो आपको यह सब भली भांति पता होगा। लेकिन हम यहां कुछ बहुत ही अनोखे जुगाड़ देखने वाले हैं जिन्हें देखने का बाद आप हैरान रह जायेंगे।नीचे देखते हैं क्या हैं वो ऐसे जुगाड़ जिन्हें देखकर हर कोई हैरान रह जायेगा।
नीचे देखते हैं क्या हैं वो ऐसे जुगाड़ जिन्हें देखकर हर कोई हैरान रह जायेगा।
जब आपके पास गैस स्टोव उपलब्ध ना हो।
जब आपके पास गैस स्टोव उपलब्ध ना हो।
ये है इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स का जुगाड़। देखिये कैसे बियर की बोतलों पर कुकर को रखा गया है।
अब नहीं आएंगे प्याज काटते वक्त आँखों में आंसू।
अगर आप को कभी भी प्याज काटने की नौबत आ जाये तो आप भी इनकी तरह हेलमेट पहन कर प्याज काटें ताकि आपकी आँखों में पानी ना आये।अब इन महासय को ही देख लीजिये क्या जुगाड़ बनाया है इनहोने ताकि आँख में आंसू न आये|
जब कमरे दो हों और कूलर एक।
अब ऐसा जुगाड़ तो इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स ही लगा सकते हैं। इसे बोलते हैं एक तीर से दो शिकार।
मच्छरों से छुटकारा पाने के लिए।
जब ना हो स्टैंड तब इस जुगाड़ का लुफ्त उठायें।
बाहर जाने की क्या ज़रूरत है जब आप अपने कमरे में ही शेव कर सकते हैं।
पिज़्ज़ा ठंडा होगया? कोई बात नहीं प्रेस और हेयर ड्रायर है ना।
क्या आप बिना माइक्रोवेव के पिज़्ज़ा गरम कर सकतें हैं? जी हाँ !
अगर आपके पास एक प्रेस और हेयर ड्रायर है।ऐसे कर सकते हैं नहाते हुए पढ़ाई।
अगर कोई ज़रूरी परीक्षा है और आपको बहुत ज़्यादा पढ़ना है तो आप भी इस जुगाड़ का फायदा उठा सकते हैं।
कहीं देखा है क्या आपने ऐसा जुगाड़ ?
हॉस्टल में या कहीं बाहर आपको खाना खुद बनाना पड़ता है तो ये आपके लिए ही है।
