
कुछ दिन पहले, भंसाली की फिल्म पद्मावती का ट्रेलर रिलीज़ हुआ. ट्रेलर इतना बढ़िया था की हर ट्विटर यूजर और इंस्टामेर्मर ने इस की खूब प्रशंसा की. केवल आम लोगो ने हे नहीं बॉलीवुड के कई सितारों ने भी भंसाली के काम को सराहा. ट्रेलर देखने के बाद अब फिल्म से और भी ज़्यादा उम्मीद बढ़ गयी है.
संजय लीला भंसाली की फिल्म बाजिराओ मस्तानी भी एक ब्लॉकबस्टर हिट थी. इसमें भी भंसाली, रणवीर सिंह और दीपिका ने एक साथ काम किया था और पदमावती में भी ये तीनो एक साथ काम कर रहे है. इनके साथ साथ इस बार शहीद कपूर भी नज़र आएंगे.
पद्मावती में, दीपिका रानी, मल्लिका-ए-चित्तोर, रानी पद्मनी की भूमिका निभा रही है. वह रणवीर सिंह और शाहिद कपूर के साथ देखे जायेंगे। शाहिद ने दीपिका के पति, राजा रावल रतन सिंह और रणवीर ने अल्लाउद्दीन खिलजी की भूमिका निभायी है.
पद्मावती इस साल 1 दिसंबर को स्क्रीन पर रिलीज़ होने वाली है. इससे पहले की आप यह फिल्म देखे क्या आप जानते है की पदमावती कौन थी. आइये बताते है हम पदमावती के बारे में और उनसे जुड़े कुछ दिलचप्स बातें.
क्या आप जानते है की रानी पद्मावती असल में भारतीय नहीं थी. राजपूत रानी पद्मिनी का पहला उल्लेख 16 वीं शताब्दी में सुफी कवि जयसी की महाकाव्य कविता, पद्मवत में आता है।
कविता के स्थानों में सिमला-डीवीपी जैसे उल्लेख किया गया है। यह कहकर कि पद्मावती शादी से पहले इस स्थान की राजकुमारी थी और शादी से पहले वह वहीँ रहा करती थी. यह सैलोन आज वर्तमान में श्री लंका है।
पदमावती को एक नज़र देखने के लिए खिलजी ने मांग की थी.उनकी इस मांग को ठुकरा दिया गया क्योंकि राजपूत संस्कृति में महिलाओं को अजनबियों से मुलाकात करने से मनाही थी.खिलजी ने फिर चित्तोर के खिलाफ युद्ध किया लेकिन किले को ऊपर कब्ज़ा करने में असफल रहा। रतनसेन, इस बीच मारे गए थे। यह सब सुनकर सभी किलों में महिलाओं ने जौहर यानि कीआत्महत्या करके की जीवन का त्याग किया।




